राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार के संस्थापक एवं पूर्व फिल्म निर्देशक पी के नायर का 4 मार्च 2016 को लंबी बीमारी के चलते पुणे में निधन हो गया. वे 82 वर्ष के थे. नायर के लिए कहा जाता है कि यदि वे न होते तो भारतीय सिनेमा का 100 साल का इतिहास भी न होता. उनका जन्म 6 अप्रैल 1933 को केरल में हुआ, लेकिन उनका ज्यादातर समय मुंबई और पुणे में बीता.उन्होंने एक भी फिल्म का निर्माण नहीं किया लेकिन कई फिल्मों में ऋषिकेश मुखर्जी के साथ बतौर अस्सिटेंट   काम किया.

•    नायर ने अपनी पहली फिल्म त्रिवेंद्रम में रेत के ढेर पर बैठ कर देखी और यहीं से फिल्मों के टिकट को एकत्रित करने का काम शुरू किया.

•    पुरानी फिल्मों को संजोने के लिए 1964 में पी.के नायर ने पुणे में पहला फिल्म आर्काइव इंस्टिट्यूट शुरू किया.

•    नायर ने उन फिल्मों का संग्रह इंस्टिट्यूट में किया जो नष्ट होने की कगार पर थीं.

•    भारत में लगभग 1700  साइलेंट फिल्में बनीं. लेकिन उनमें से केवल 9 फिल्मों के रील ही सुरक्षित हो सकी.

•    नायर साहब ने भारत की पहली बोलती फिल्म से लेकर दादा साहेब फाल्के की अधिकतर फिल्मों को रील में संरक्षित किया.

•    उनके संग्रह में अभिनेता अशोक कुमार ‘अछूत कन्या’ से लेकर अब तक की सभी फिल्में हैं.

•    पी के नायर के एक शिष्य शिवेंद्र सिंह डूंगरपुर ने उनके जीवन पर ‘सेलोलोइड मैन’ नाम की एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाई.

•    इस फिल्म को दो राष्ट्रीय और कई फिल्मोत्सव में अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार   मिले.

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