IRNSS

IRNSS भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के छठे नेवीगेशन सैटेलाइट ‘आईआरएनएसएस-1एफ’ (IRNSS-1F) का 10 मार्च 2016 को श्रीहरिकोटा से सफल प्रक्षेपण किया गया.

मुख्य तथ्य:

•    नेविगेशन उपग्रह ‘आईआरएनएसएस-1एफ’ का सफल प्रक्षेपण पीएसएलवी सी32 के द्वारा किया गया.

•    अंतरिक्षीय कचरे की वजह से यह एक मिनट की देरी से लॉन्च हुआ.

•    ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान:पीएसएलवी: सी-32 ने श्रीहरिकोटा के स्पेसपोर्ट में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से आईआरएनएसएस-1एफ को लेकर उड़ान भरी.

•    ‘आईआरएनएसएस-1एफ’ का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम के अनुरूप सही नेविगेशन सुविधा देना है.

•    इसरो भारतीय क्षेत्रीय नेविगेशन उपग्रह प्रणाली :आईआरएनएसएस: के तहत अबतक पांच उपग्रहों का प्रक्षेपण कर चुका है.

अनिरुद्ध देशपांडे, प्रभात पटनायक एवं गोविन्द पनसरे द्वारा लिखित पुस्तक “हू वॉज़ शिवाजी?” मार्च 2016 के पहले सप्ताह में चर्चा में रही. यह छत्रपति शिवाजी महाराज के जन्मदिवस पर मनाई जाने वाली शिव जयंती के अवसर पर प्रकाशित की गयी. शिव जयंती 19 फरवरी 2016 को पूरे महाराष्ट्र में मनाई जाती है.

इस पुस्तक में शिवाजी से संबंधित उन पहलुओं को उजागर किया गया है जिन्हें अन्य ऐतिहासिक लेखकों द्वारा नकारा गया. यह भारतीय इतिहास के एक अदम्य हीरो के बारे में जानकारी प्रदान करती है एवं उनकी छवि को बताती है.

पुस्तक में मराठा इतिहास लेखन के दौरान आधुनिक, औपनिवेशिक और उत्तर उपनिवेशवादी वृतांत पर विशेष बल दिया गया है.

फॉरवर्ड ब्लॉक के वरिष्ठ नेता अशोक घोष का नई दिल्ली में 3 मार्च 2016 को निधन हो गया. वे 94 वर्ष के थे एवं पिछले कुछ समय से डायलसिस पर थे.बंगाल की राजनीति के दिग्गज घोष राजनीतिक जगत में सात दशक तक सक्रिय रहे. घोष को उनकी संयमित जीवनशैली के लिए जाना जाता था.  

•    नेताजी सुभाष चन्द्र बोस से प्रेरित होकर वह राजनीति और स्वतंत्रता संग्राम में आये थे, जब उन्होंने कांग्रेस छोड़कर अपने राजनीतिक दल फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना की.

•    वर्ष 1952 में घोष को पहली बार फॉरवर्ड ब्लॉक के राज्य सचिव के रुप में चुना गया.

•    उन्होंने कई जन-आंदोलनों का नेतृत्व किया. घोष ने मार्क्सवादी दिग्गजों जैसे ज्योति बसु और प्रमोद दासगुप्ता के साथ मिलकर पश्चिम बंगाल में 1977 में पहली वामपंथी सरकार

के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. यह सरकार 2011 तक सत्ता में रही.