नेपाल में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओवादी सेंटर) के अध्यक्ष पुष्प कमल दहाल प्रचंडको 3 अगस्त 2016 को नेपाल का 24वां प्रधानमंत्री चुना गया. सीपीएन माओवादी पार्टी के प्रेसिडेंट प्रचंड पीएम पद के लिए अकेले कैंडिडेट थे.लोकसभा अध्यक्ष ओनसारी घरती मागर के अनुसार 595 सदस्यीय संसद में कुल 573 मत पड़े,जिनमें प्रचंड के पक्ष में 363 और विरोध में 210 मत थे.नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देवबा ने सीपीएन-माओवादी सेंटर के प्रमुख प्रचंड की उम्मीदवारी का प्रस्ताव दिया.नेपाल की संसद की सबसे बड़ी पार्टी नेपाली कांग्रेस और तराई के क्षेत्रीय राजनीतिक गुट मधेसी मोर्चा के समर्थन से प्रचंड की जीत सुनिश्चित हुई.प्रचंड इसके साथ ही आठ साल बाद दूसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं.

इससे पहले वह 2008 में प्रधानमंत्री बने थे.कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल और नेपाल कांग्रेस के सपोर्ट वापस लेने के बाद पीएम केपी शर्मा ओली ने 24 जुलाई को इस्तीफा दे दिया.उल्लेखनीय है कि माओवादी पार्टी से समझौते के बाद मधेशी मोर्चा ने श्री दहाल के समर्थन का फैसला किया.समझौते के अनुसार मधेसी आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों को सरकार शहीद घोषित करेगी। उनके परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा, और घायलों को इलाज का खर्च मिलेगा। इसके अतिरिक्त , सरकार मधेसियों की संविधान से संबंधित मांगों पर, जिनमें संघवाद, आनुपातिक प्रतिनिधित्व और नागरिकता संबंधी आपत्तियां शामिल हैं, विचार करने को प्रतिबद्ध है। हालांकि मधेसी पार्टियों ने संसद में दाहाल के पक्ष में वोट दिया है, मगर वे सरकार में शामिल होने को अभी तैयार नहीं हैं। उन्होंने साफ किया है कि सरकार उनकी मांगों को जब संविधान में शामिल करने का प्रस्ताव पेश करेगी, उसके बाद ही वे सरकार का हिस्सा बनेंगी।