आदित्यनाथ बने उप्र के मुख्यमंत्री

उत्तर प्रदेश में मिली ऐतिहासिक जीत के बाद योगी आदित्यनाथ आज उत्तर प्रदेश के 21वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे.  उनके साथ केशव मौर्य और दिनेश शर्मा उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. आदित्यनाथ के नाम का प्रस्ताव भाजपा नेता सुरेश खन्ना ने रखा ,जिसका बाकी विधायकों ने सर्वसम्मति से समर्थन किया . केंद्रीय पर्यवेक्षक वेंकैया नायडू ने इसकी घोषणा की .वेंकैया नायडू के अनुसार ,दो उप मुख्यमंत्रियों की मांग आदित्यनाथ ने ही की ,जिसके बाद केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश  शर्मा को चुना गया . योगी के साथ 40 मंत्री भी शपथ लेंगे. लखनऊ के स्मृति उपवन में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह समेत बीजेपी के कई बड़े नेता और बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की संभावना है.

योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के गोरखपीठ के महंथ हैं जो अपनी उग्र हिन्दुत्ववादी छवि के लिए जाने जाते हैं . आदित्यनाथ लगातार पांचवीं बार गोरखपुर से लोकसभा सदस्य चुने गए हैं. मूल रूप से उत्तराखंड के निवासी आदित्यनाथ का वास्तविक नाम अजय सिंह है. वे विज्ञान विषय से स्नातक हैं. गोरखपीठ के पूर्व महंथ अवैद्यनाथ की मृत्यु के बाद वे महंथ चुने गए. योगी आदित्यनाथ अपने विवादास्पद बयानों के लिए भी चर्चा में रहे हैं .

केशव प्रसाद मौर्य उत्तर प्रदेश की फूलपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं. वे भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष भी हैं. मुख्यमंत्री पद के संभावितों में उनका भी नाम था . दूसरे उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा लखनऊ विश्विद्यालय के प्रोफेसर होने के साथ साथ लखनऊ के मेयर भी हैं. वह भाजपा के गुजरात मामलों के प्रभारी होने के अलावा पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं .

मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद , मीडिया से अपनी पहली बातचीत में योगी  ने प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ सबका विकास’ के नारे का अनुसरण करने और प्रदेश में सुशासन की स्थापना की  बात कही .